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Sunday, October 14, 2018

10/14/2018 10:19:00 PM

Suno Tum Kajal Na Lagaya Karo: A Sweet Hindi Love Poem

This blog is very special for me
this poem is for my sweet friend #advika
she is a sweetheart,
she is very sweet,
thanks for this friendship my dear 

सुनो तुम काजल ना लगाया करो

Suno Tum Kajal Na Lagaya Karo

सुनो तुम काजल ना लगाया करो,
उन खूबसूरत सी आंखों को,
और भी खूबसूरत ना बनाया करो,
तुम काजल ना लगाया करो ।

Suno Tum Kajal Na Lagaya Karo

जब काजल लगा सामने आती हो,
तुम मेरी धड़कन तक चुरा ले जाती हो,
पलकों पर रंग काला बहुत खिलता है,
ऐसा रूप रोज़ रोज़ कहा देखने मिलता है,
यूं अपने आशिक को ना तड़पाया करो,
तुम काजल ना लगाया करो ।

Suno Tum Kajal Na Lagaya Karo

तुम काजल की एहमियत बढ़ा देती हो,
लगा कर वो रंग ,
हर किसी को अपना दीवाना बना लेती हो,
दीवाना तो हो गया जमाना तुम्हारा,
अब क्या ही सुनाऊ तुम्हे किस्सा हमारा,
तुम मुझे देख कर अनदेखा कर देती हो,
चाहती तुम भी हो मुझे,
पर इस जज्बात से इनकार कर देती हो,
इस नाचीज को ऐसे इनकार से तड़पाया ना करो,
यूं ही आंखे खूबसूरत है तुम्हारी,
तुम इनपर काजल ना लगाया करो
 ।

Suno Tum Kajal Na Lagaya Karo

तमन्ना है तुम्हे पाने की,
अपने इश्क़ को जरा सा आजमाने की,
तुम्हारे काबिल नही मैं,
पर ज़िद है तुम्हे अपना बनाने की,
वो काजल सबको तुमहरा कायल कर रही है,
वी मेरे साथ साथ बहुतो को घायल कर रही है,
मैं कैसे सहन करू की सब देख रहे है तुम्हे,
तुम मेरी हो पर सब चाह रहे है तुम्हे,
तो मुझे बार बार जलाया ना करो,
तुम काजल लगया ना करो ।

©Ajasha

Thursday, October 04, 2018

10/04/2018 09:54:00 PM

Jab tum pareshan hoti ho : A love poem In Hindi

this poem is very special for me because it is written for someone very special. 
she is adorable, cute and she is a sweetheart. 
par jab wo kisi baat ko le kar pareshan hoti hai to behad khubsurat lagti hai.
isi khubsurti ko bayan karti hai ye poem.
#love #pyaar #advika

Jab Tum Pareshan Hoti Ho: Love Poem

jab tum pareshan hoti ho
तुम जब परेशान होती हो 
बेहद खूबसूरत लगती हो
तुम्हारी उंगलियों का आपस में उलझ जाना
वो अपने होंठों को हल्के से दांतो के बीच दबा लेना
तुम इन सब को बहुत खास बना देती हो
तुम जब घबरा कर मेरे गले लगती हो
खुदा कसम उस एक पल में
तुम मुझे मेरा जहान लगती हो ।

jab tum pareshan hoti ho
तुम्हारा घबराकर मेरा हाथ थाम लेना
मेरी शर्ट के किनारे को जोर से जकड़ लेना
आखिर में इन सबको आवाज़ कैसे दुँ
तुम्हारी इस घबराहट को मैं अल्फ़ाज़ कैसे दुँ,
कहने को तो बहुत कुछ है पर
पर मैं तुम्हारी खूबसूरती को इंसाफ कैसे दुँ,
तुम जब मुश्किलों से डर सी जाती हो
कैसे बताऊं तुम्हे तुम कितनी खूबसूरत नजर आती हो ।

jab tum pareshan hoti ho
हां जानता हूँ ये डर कुछ पल का है
तुम्हारा वो परेशान चेहरा बस दो पल का है
तुम हर मुश्किल से लड़ना जानती हो
तुम अपनी ताकत बहुत अच्छे से पहचानती हो
पर कमजोर तो मैं हो जाता हूँ
जब जब तुम से दूर जाता हूँ
मेरे लिए तुम बहुत जरूरी हो
बाकियों का पता नही
पर तुम मेरी सबसे खूबसूरत कमजोरी हो ।

jab tum pareshan hoti ho
तो हां जब जब तुम घबरा सी जाती हो
खुदा कसम बेहद हसीन नजर आती हो ।